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बुधवार, 4 जुलाई 2012

पब्लिक स्कूल कथा - आलोक झा


एक अध्यापिका नर्सरी कक्षा के बच्चों को पढ़ा रही थी । कोई तुमलोगों को कुछ पूछे और तुम्हें उसका उत्तर न मालूम हो तो तुम्हें कहना चाहिए ' सॉरी आई डु नोट नो' !
फिर उन्होंने डेमो के लिए राजू को खड़ा किया ।
अध्यापिका - भारत में गरीबों की संख्या कितनी है ?
राजू - सॉरी मैडम , आई डोन्ट नो !
अध्यापिका - राजू अभी तुम्हारे 'आई डोन्ट नो' बोलने का समय नहीं आया अभी तुम 'आई डु नोट नो' बोलो !

अब देखना है राजू के 'आई डोन्ट नो' बोलने का समय कब आता है !

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